निषाद समाज को संबोधित करते हुए लिखा, 'साथियों, शांत बैठना अब विकल्प नहीं है. हमारे बच्चों का भविष्य और हमारे समाज का सम्मान और हमारे पूर्वजों की विरासत आज हमसे एकजुटता मांग रही है.'
संजय निषाद के फिर बागी तेवर, दिल्ली में करेंगे निषादों का जुटान; आरक्षण नहीं तो चैन नहीं का नारा
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