आपको बता दें कि परंपरागत डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाली वाष्पीकरण आधारित कूलिंग प्रणालियों और कूलिंग टावर के बजाय प्रस्तावित परिसरों में हवा आधारित शीतलन प्रौद्योगिकी अपनाई जाएगी. इससे ऐसी पारंपरिक प्रणालियों में इस्तेमाल होने वाले पानी की बड़ी मात्रा की जरूरत नहीं पड़ेगी.
अदाणीकॉनेक्स के विशाखापत्तनम डेटा सेंटर में एयर कूलिंग का होगा इस्तेमाल, ताजे पानी की खपत होगी कम
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