फ़िजी में एक ख़तरनाक ड्रग ट्रेंड ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. इसमें एक व्यक्ति का ख़ून निकालकर दूसरे व्यक्ति के शरीर में इंजेक्ट किया जाता है, ताकि उसे नशे का असर मिल सके.
'ब्लूटूथिंग': क्या ख़ून साझा करने का ये चलन बढ़ा रहा है एचआईवी का ख़तरा?
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