लालकृष्ण आडवाणी 12 सितंबर, 1947 को वह पाकिस्तान से निकल आए थे और फिर एक महीने बाद उनका परिवार आया था. वह सितंबर का महीना था.
सितंबर महीने को अपनी जिंदगी में सबसे खास क्यों मानते हैं लालकृष्ण आडवाणी, खुद लिखी थी पूरी कहानी
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