1987 में रामानंद सागर की रामायण में रूई से बादल बनाए जाते थे। अब नमित मल्होत्रा की रामायण में हजारों लोग वीएफएक्स पर काम कर रहे हैं। एक युद्ध सीन तैयार करने में साढ़े छह साल लगे। जानिए चार दशक में रामायण को पर्दे पर दिखाने की तकनीक कितनी बदल गई।
रामायण: अगरबत्ती से बनता था कोहरा, रूई से बादल.. एक युद्ध सीन पर लगे साढ़े छह साल; वीएफएक्स की अनसुनी कहानी
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