मां हसरत खुद कभी कुछ न बन सकीं। चार साल तक हर दिन डेढ़ किमी पैदल चलकर बेटियों को स्कूल छोड़ती रहीं, ताकि गांव अंगुली न उठाए।
मेवात... स्कूली शिक्षा की सच्चाई: मां की हसरत, बेटी की फरमाइश, और अब पूरे देश की ख्वाहिश
अमर उजाला – ब्रेकिंग न्यूज़ · By सीमा शर्मा, नूंह
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