अपनी कम उम्र बेटी को खोने के असहनीय दर्द के बीच, पिता नारायण राव और परिवार के अन्य सदस्यों ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया. उन्होंने 'जीवनदान' अंगदान कार्यक्रम के तहत रोहिता के अंगों को दान करने पर अपनी सहमति दे दी.
मरते-मरते 6 लोगों को नई जिंदगी दे गई 13 साल की बच्ची, ब्रेनडेड के बाद किडनी, लिवर, कॉर्निया किए डोनेट
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