दिवाली मनाने के लिए दीये जलाने का यह रिवाज़ सदियों पुराना है और मिट्टी के दीये बनाने की पारंपरिक कला भी. लेकिन गुजरात में दीये बनाने वाले अब इस बात से परेशान हैं कि उनकी अगली पीढ़ी यह कला नहीं सीखेगी.
'दिवाली दीये के बिना अधूरी है, मगर लगता नहीं मेरे बच्चे ये काम करेंगे'
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