नितेश तिवारी की रामायणम् में जटायु को दो हाथ, दो पैर और दो पंखों के साथ दिखाया गया है. जबकि पक्षियों के हाथ नहीं होते हैं. ऐसे में मन में सवाल है कि मेकर्स ने जटायु को इस तरह से क्यों पेश किया, इसके पीछे क्या सोच थी और क्या कहानी.
4000 करोड़ की रामायण का ये कैसा जटायु? पक्षी होकर भी दो हाथ, दो पांव और दो पंख
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