स्वामी चिन्मयानंद का निधन तीन अगस्त 1993 को अमेरिका के सैन डिएगो में हुआ था. ऐसे में सवाल किया जा रहा है कि मीडिया में एआई आधारित होलोग्राम के ज़रिए एक नक़ली बातचीत क्यों दिखाई जा रही है?
स्वामी चिन्मयानंद के निधन के 33 साल बाद मोदी की होलोग्राफिक वार्ता को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल
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