जस्टिस दत्ता ने कहा कि एक समय हत्या के मामलों में 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' यानी 'दुर्लभतम से दुर्लभ' सिद्धांत इसलिए लागू होता था, क्योंकि उस समय हत्या के अपराध भी अपेक्षाकृत दुर्लभ थे. लेकिन आज स्थिति वैसी नहीं है
सुप्रीम कोर्ट की माफ करने की कोई तो लिमिट हो... मौत की सजा बदलने पर जस्टिस दीपांकर दत्ता की अहम टिप्पणी
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