इस गतिरोध की जड़ें पिछली कूटनीति की संरचनात्मक विफलताओं में खोजी जा सकती हैं. 1947, 1965 और 1971 में पाकिस्तान ने पारंपरिक युद्ध शुरू किए, लेकिन इनमें से किसी से भी उसे मनचाहे नतीजे नहीं मिले.
शशि थरूर का लेख-इंडिया-पाकिस्तान न्यू कोल्ड वॉर; जयशंकर ने एनडीटीवी के मंच से दिया था हिंट
Published ·

Keep reading
Related stories









