याचिकाओं में कहा गया कि 2003 के दिशानिर्देशों के अनुसार हर मतदाता की नागरिकता की अलग से जांच करने का कोई सामान्य प्रावधान नहीं था. केवल उन्हीं मामलों में नागरिकता का प्रश्न उठता था, जहां किसी सक्षम ट्रिब्यूनल ने किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित किया हो.
साल 2003 और 2025 के SIR में क्या अंतर है? SC में याचिकाकर्ताओं ने गिनाया
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