कहा जाता है कि दुश्मनी गाढ़ी तभी होती है जब दुश्मन पहले दोस्त रहा हो. ऐसा ही कुछ नीरज कुमार और अनंत सिंह के मामले में दिख रहा है. दोनों एक ही इलाके के हैं और दोनों एक-दूसरे पर किए एहसानों को याद दिलाते हैं पर याद वो रखते हैं जो उन्हें एक-दूसरे से मिला है.
नीरज से जंग में खोया धीरज, क्या अनंत की बेबाकी खत्म कर देगी सियासी करियर?
Published ·

Keep reading





