लोकगीत आम जनता द्वारा लिखा और गाया जाने वाला पारंपरिक गीत हैं, जो किसी क्षेत्र,संस्कृति, रीति-रिवाजों और सामाजिक जीवन से जुड़ा होता है. ये गीत पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनकर और गाकर मौखिक रूप से आगे बढ़ते हैं.
'मां महलों की रानी और पिता रंगदार ’, आम लोकगीतों से हटकर है यह ठेठ भोजपुरी गीत, रामायण काल से जुड़ा है इतिहास
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