शबाना आजमी ने कहा, कुछ सफर लगभग कुछ भी न होने से शुरू होते हैं, बस एक सपना होता है. मेरी लोगों से अपील है कि आप कभी हार न मानें. जावेद अख्तर की ये इंस्पिरेशनल कहानी बताती है कि अगर इरादा मजबूत हो तो मुश्किलें भी घुटने टेक देती है.
जेब में 27 पैसे लेकर मुंबई पहुंचे थे जावेद अख्तर, फुटपाथ पर गुजारी रातें, शबाना आजमी ने सुनाई संघर्ष की कहानी
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