दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव में दशहरे पर रावण दहन नहीं बल्कि शोक मनाया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस गांव को रावण की जन्मस्थली माना जाता है, जहां लोग उसे अपना पूर्वज मानते हैं.
इन गलियों में खेलकर बड़ा हुआ था रावण, 3 युगों बाद किस हाल में है उसका गांव, आज भी रोते हैं ग्रामीण
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