पाकिस्तान ने एक ओर ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाई, लेकिन दूसरी ओर सऊदी अरब के साथ अपने रक्षा सहयोग को लगातार मजबूत करता रहा. सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैनिकों, लड़ाकू विमानों, ड्रोन और वायु रक्षा प्रणालियों की तैनाती को देखते हुए ईरान के लिए पाकिस्तान की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
ईरान का मध्यस्थ या सऊदी अरब का साझेदार? बिचौलिए पाकिस्तान क्या खिचड़ी पका रहा समझिए
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