अपने भाषण में जस्टिस भुइयां ने केवल छात्रों ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कुलपति प्रोफेसर श्रीकृष्ण देवा राव की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने अपने दायित्वों का बेहतरीन तरीके से निर्वहन किया है और वही किया है जिसकी एक विश्वविद्यालय शिक्षक से अपेक्षा होती है.
CJI सूर्यकांत का NALSAR छात्रों ने किया था विरोध, अब जस्टिस उज्जवल भुइयां ने दे दी शाबाशी
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