उत्तर प्रदेश में 22 फीसदी दलित आबादी है जो सभी राजनीतिक दलों के लिए मायने रखती है. मायावती इसी दलित वोटबैंक के सहारे चार बार सीएम की कुर्सी तक पहुंची हैं. ऐसे में अगर बसपा का जनाधार 2027 के यूपी चुनाव में और ज्यादा बिखरता है तो बीजेपी इसका फायदा उठाना चाहती है.
भदोही अब संत रविदास नगर, 32 साल में 5 बार बदला गया नाम, जान लीजिए इसके पीछे का इतिहास और सियासत
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