66 साल पहले मोहम्मद रफी की आवाज में ऐसा गाना आया, जिसने महबूबा की खूबसूरती को चांद से कंपेयर करते हुए मोहब्बत की नई भाषा लिख दी. आज भी इस गाने को सुनते ही पुराना रोमांस महसूस होता है.
आखिर क्या होता है 'चौदहवीं का चांद'? 66 साल पुराने गाने में रफी की आवाज में गुरुदत्त ने वहीदा रहमान के लिए इस्तेमाल की थी ये लाइन
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