मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा कि तीजा और चालीसवें में निकाह के वलीमे की तरह बड़ी दावत इस्लाम, शरीयत और कुरान के खिलाफ है. अमीर लोगों को देखकर गरीब भी कर्ज लेकर इन रस्मों को निभाने के लिए मजबूर होते हैं.
तीजा और चालीसवें पर अब नहीं होगी आवामी दावत,महोबा में मुस्लिम समाज के सामूहिक मृत्यु भोज पर लगी रोक
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