पूजा मेरी जान एक ऐसी स्थिति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो रिश्तों, धारणा और जवाबदेही से जुड़े कई सवाल खड़े करती है. जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, अलग-अलग नजरिए सामने आते हैं और दर्शकों की शुरुआती धारणाओं को चुनौती मिलती रहती है.
रिश्ते, जुनून और सस्पेंस का तगड़ा तड़का, इस वीकेंड क्यों देखें मृणाल ठाकुर की 'पूजा मेरी जान'?
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