प्रकृति ने इंसानों को पाला-पोसा और हर सुख दिया, मगर इंसानों ने प्रकृति को ही निगलना शुरू कर दिया. यही कारण है हमेशा चुप रहने वाली प्रकृति अब खुद चेतावनी देने लगी है कि रुक जाओ, अब भी समय है, नहीं तो सब कुछ समाप्त हो जाएगा.
नेपाल में शांत पहाड़ भी अब डरा रहे, आखिर क्यों गुस्से में है प्रकृति? भारत को भी लेनी चाहिए सीख
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