44 साल पहले आई फिल्म ‘बाजार’ का यह सदाबहार गीत आज भी दिलों में बसा है. मीर तकी मीर की शायरी, खय्याम की धुन और लता मंगेशकर की आवाज ने इसे हिंदी सिनेमा के यादगार गीतों में शामिल कर दिया.
मीर तकी मीर की 250 साल पुरानी रचना पर बना स्मिता पाटिल-नसीरुद्दीन शाह का सुपरहिट गाना, खय्यम का संगीत, लता की आवाज, 44 साल बाद भी यादगार
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