कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड में जेल से रिहा होने के बाद शालू ने 21 दिनों की जेल यात्रा को अपनी जिंदगी का सबसे कठिन दौर बताया. उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें सबसे ज्यादा अपने बेटे की याद सताती रही और एक पल में उनकी पूरी दुनिया बदल गई.
जिंदगी के सबसे बुरे दिन, एक पल में सब खत्म.. विनीत मनोचा हत्याकांड में जेल से रिहाई के बाद बोली बहू शालू
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