उम्र महज 9 साल और कारनामे ऐसे कि दुनिया सलाम कर रही है. बेंगलुरु के इस नन्हे वैज्ञानिक ने न सिर्फ कॉलेज के छात्रों को हराकर गोल्ड मेडल जीता, बल्कि हाथ से बोलकर चलने वाले अनोखे गैजेट्स भी बना डाले हैं. पूरी कहानी आपको हैरान कर देगी.
दिमाग है या कंप्यूटर! 9 साल की उम्र में पूरी श्रीमद्भगवद्गीता, 4000 संस्कृत सूत्र कंठस्थ, बच्चे से हारे बड़े-बड़े सूरमा
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